9 नवंबर 2012 - 20:30

बहरैन में एक किशोर कार्यकर्ता की निर्मम हत्या के विरुद्ध इस देश के कई क़स्बों व नगरों में जनता ने सड़कों पर निकल कर आले ख़लीफ़ा शासन के विरुद्ध आक्रोश व्यक्त किया.........

प्रेस टीवी की रिपोर्ट के अनुसार बहरैन में एक किशोर कार्यकर्ता की निर्मम हत्या के विरुद्ध इस देश के कई क़स्बों व नगरों में जनता ने सड़कों पर निकल कर आले ख़लीफ़ा शासन के विरुद्ध आक्रोश व्यक्त किया।बहरैनी जनता शनिवार को दिराज़ गांव में इस किशोर के घर पर इकट्ठा हुयी और उसके परिजनों के प्रति सहानुभूति व्यक्त की।16 वर्षीय अली रज़ी शुक्रवार को उस समय शहीद हो गया जब शुक्रवार की नमाज़ में भाग लेने के लिए हज़ारों की संख्या में शासन विरोधी प्रदर्शन में भाग लेने वाली जनता वरिष्ठ बहरैनी धर्मगुरु शैख़ ईसा क़ासिम की इमामत में नमाज़ पढ़ने के लिए दिराज़ की ओर बढ़ रही थी।रिपोर्ट के अनुसार सोलह वर्षीय अली रज़ी पुलिस द्वारा वाहन से कुचले जाने से शहीद हो गए।बहरैन के सबसे बड़े विपक्षी धड़े अलविफ़ाक़ ने बहरैनी जनता से दिराज़ में शुक्रवार की नमाज़ में भाग लेकर शैख़ नईम क़ासिम के प्रति समर्थन दर्शाने की अपील की थी जिन्हें बहरैनी शासन ने सरकार की आलोचना करने की ओर से चेतावनी दी थी।बहरैन में आले ख़लीफ़ा शासन इस देश की सत्ता पर 230 वर्षों से अधिक समय से क़ब्ज़ा जमाए हुए है।हज़ारों लोगों को शांतिपूर्ण प्रदर्शनों में भाग लेने के कारण नौकरियों से निकाल दिया गया और बहुत से डाक्टरों और नर्सों को इसलिए जेल में डाल दिया गया क्योंकि उन्होंने बहरैनी पुलिस की बर्बरता में घायल होने वाले आम लोगों का उपचार किया था।बहरैनी जनता का कहना है कि वह जब तक प्रजातांत्रिक तरीक़ से चुनी गयी सरकार के गठन की उसकी मांग पूरी नहीं हो जाती उस समय तक आले ख़लीफ़ा शासन के विरुद्ध प्रदर्शन जारी रहेगा।........166